जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में आतंकवादी ढेर, मंगलवार रात से जारी था ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में सेना ने बुधवार सुबह एक आतंकवादी को मार गिराया। यह सफल ऑपरेशन मंगलवार रात से जारी था, जिसे खास इंटेलिजेंस जानकारी के आधार पर पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। अधिकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को आतंकवादी के छिपे होने की सूचना के बाद इलाके में घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। अंधकार के कारण ऑपरेशन को रोकना पड़ा, लेकिन बुधवार सुबह फिर से ऑपरेशन के दौरान आतंकवादी को ढेर किया गया।

यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों से आतंकवादियों के खिलाफ क्षेत्र में जारी अभियान का हिस्सा है। इस साल फरवरी में भी सेना ने जम्मू-कश्मीर में कई आतंकवादियों की मौत की जाए रिपोर्ट की थी। किश्तवाड़ के चतरू इलाके में तीन आतंकवादी मारे गए थे, जबकि उधमपुर जिले में ग्रेनेड विस्फोट में जैश के दो आतंकवादी समाप्त किए गए थे। सुरक्षाबलों ने अभी तक आतंकवाद के खिलाफ लगातार कठोर कार्रवाई जारी रखी है।

सुरक्षाबलों के पिछले प्रमुख एनकाउंटर

  • 22 फरवरी: किश्तवाड़ के चतरू इलाके में तीन आतंकवादी मारे गए, और आतंकियों के ठिकाने को ध्वस्त कर दिया गया।
  • 23 जनवरी: कठुआ में जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर उस्मान को सुरक्षाबलों ने ढेर किया। उस्मान पिछले दो साल से सक्रिय था। मुठभेड़ स्थल से विदेशी हथियार भी बरामद हुए।
  • 18 जनवरी: किश्तवाड़ के जंगलों में हुई मुठभेड़ में आतंकवादियों के ग्रेनेड हमले में आठ जवान घायल हुए, जिनमें से एक की बाद में मौत हो गई।
  • 16 दिसंबर: उधमपुर में एनकाउंटर में एक जवान शहीद हुआ और दो घायल हो गए।

यह हालात जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की सतर्कता और आतंकवाद के विरुद्ध निरंतर संघर्ष को दर्शाते हैं। किश्तवाड़ और गांदरबल जैसे इलाकों में सर्च ऑपरेशन जारी हैं, जहां और भी आतंकवादियों के छिपे होने की आशंका है।

सुरक्षा बलों की यह सफलता स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए राहत की बात है, जो आतंकवाद को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। आने वाले समय में भी ऐसे सक्रिय ऑपरेशनों के जरिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की संयुक्त रणनीति के तहत आतंकवाद की जड़ें खत्म करने का काम जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल हो सके।