कांग्रेस और किसान संगठन मध्य प्रदेश सरकार पर गेहूं खरीद में देरी को लेकर बरसे; बीजेपी ने पश्चिम एशिया युद्ध के कारण बैग की कमी को दोषी ठहराया

Congress, farmer bodies slam M.P. govt over delay in wheat procurement; BJP blames bag shortage due to West Asia war

मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद में देरी: कांग्रेस और किसान संगठनों की कड़ी आलोचना

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा गेहूं खरीद प्रक्रिया में देरी को लेकर कांग्रेस और विभिन्न किसान संगठन सख्त नाराजगी जता रहे हैं। बीजेपी ने इस देरी के लिए पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण बैग की कमी को जिम्मेदार ठहराया है।

कई किसान संगठनों ने राज्य सरकार से तत्काल गेहूं की खरीद शुरू करने की मांग की है। भारतीय किसान संघ (BKS) सहित विभिन्न किसान संघों ने सरकार की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए हैं और कहा है कि समय पर मूल्य भुगतान किसानों के हित में आवश्यक है।

कृषि उपज की खरीद में विलंब से किसानों की आय पर असर पड़ता है, जिससे उनके आर्थिक संकट की स्थिति बढ़ती है। इस बीच, भाजपा ने कहा कि वे उचित खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं, लेकिन युद्ध की वजह से परिवहन एवं सामग्री की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे बैग की कमी हुई है।

मध्य प्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में से एक है और इस वर्ष भी अच्छी फसल हुई है। इसलिए सरकार द्वारा समय से खरीद प्रक्रिया न पूरी करना किसान समुदाय में असंतोष और चिंता बढ़ा रहा है।

विश्लेषकों का मानना है कि गेहूं खरीद की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू होने से न केवल किसानों का विश्वास बढ़ेगा, बल्कि खाद्यान्न सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

सरकार को चाहिए कि वे खरीद प्रक्रिया में तेजी लाएं और किसानों को उचित दाम पर फसल खरीदकर उन्हें राहत पहुँचाएं। इस मुद्दे पर किसान और विपक्ष दोनों पक्षों के दबाव के बीच मध्यप्रदेश सरकार की रणनीति आगे ध्यान देने योग्य होगी।