कश्मीर में पंडितों की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार की प्रतिबद्धता आवश्यक
कश्मीरी पंडितों की सुरक्षित और गरिमामय वापसी के लिए सुरक्षा की पूर्ण भावना बहाल करना अनिवार्य है। यह बात जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और राजनेता ओमर अब्दुल्ला ने कही। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य कर्तव्य विस्थापित पंडितों की संपत्ति और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
ओमर अब्दुल्ला ने जोर दिया कि कश्मीरी पंडित समुदाय के पुनर्वास के लिए केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि उनका सम्मानजनक और स्वाभिमानी वापस आना भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को उत्सुक और समर्पित रहकर उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को तीव्रता से आगे बढ़ाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, धार्मिक स्थलों की रक्षा, और संवेदनशीलता पंडितों की वापसी के लिए अनिवार्य है। यह कदम क्षेत्र में सकुशल माहौल बनाने और लंबे समय से चले आ रहे संकट को समाप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
कश्मीरी पंडितों का कश्मीर घाटी से पलायन दशकों पुराना मुद्दा है, जो क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक तनाव का कारण बना हुआ है। इस विषय पर सरकार और राजनीतिक दलों के बीच व्यापक चर्चा होती रही है।
ओमर अब्दुल्ला के अनुसार, विस्थापित पंडितों की संपत्ति और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी भय के अपने घर लौट सकें और घाटी में स्थाई शांति स्थापित हो सके।
