दिल्ली उच्च न्यायालय ने रक्षित शेट्टी को बिना अनुमति गीतों के उपयोग पर ₹25 लाख जुर्माना लगाया
दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म “बैचलर पार्टी” में अनधिकृत रूप से गीतों के उपयोग के लिए अभिनेता और निर्माता रक्षित शेट्टी को कुल ₹25 लाख का भुगतान करने का आदेश दिया है। इस राशि में ₹20 लाख लाइसेंस शुल्क के रूप में शामिल हैं, जो गीत “न्याय एलाइडे” और “ओम्मे निन्नानु” के लिए पहले ही अदायगी के रूप में प्रक्रिया के दौरान जमा कर दिए गए थे। इसके अतिरिक्त ₹5 लाख का जुर्माना अदालत के पूर्व के आदेश का पालन न करने के कारण एक दंड स्वरूप लगाया गया है।
यह निर्णय उन विवादों के बीच आया है जहां गीतों के स्वामित्व और उनकी लाइसेंसिंग को लेकर कथित अनधिकृत उपयोग की शिकायत दर्ज कराई गई थी। अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सृजनात्मक रचनाओं का सम्मान और कानून का पालन अनिवार्य है।
गीत “न्याय एलाइडे” और “ओम्मे निन्नानु” के निर्माण एवं वितरण संबंधी अधिकारधारकों ने इस मामले में अपनी शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसमें अदालत ने रक्षित शेट्टी द्वारा इन गीतों के बिना उचित अनुमति के उपयोग को अवैध माना।
यह आदेश भारतीय फ़िल्म उद्योग में कॉपीराइट संरक्षण और कला के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी निर्माता और वितरक भविष्य में इस तरह के उल्लंघनों से बचें और संबंधित पक्षों से पूर्व अनुमति अवश्य लें।
इस मामले से संबंधित पक्षों ने आदेश का सम्मान किया है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कॉपीराइट उल्लंघनों में कमी आएगी। न्यायालय के इस फैसले ने कलाकारों और रचनाकारों के अधिकारों की सुरक्षा को एक बार फिर सुदृढ़ किया है।
