पहले चरण में आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और संपत्तियों की जानकारी संकलित की जाएगी
गृह मंत्रालय ने बताया है कि जनगणना के पहले चरण में आवास की स्थिति, घरेलू सुविधाओं और परिवार के पास मौजूद संपत्तियों की समग्र जानकारी एकत्रित की जाएगी। यह पहल देश में डिजिटल सर्वे के तहत की जा रही है, जिसका उद्देश्य आंकड़ों का सटीक और त्वरित संग्रह सुनिश्चित करना है।
पहले दिन ही 55,000 से अधिक परिवारों ने स्वयं-गणना पोर्टल का प्रयोग किया, जो सरकारी प्रक्रिया में आम नागरिकों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। ऑनलाइन प्रणाली के जरिये लोग अपने घर की सम्पूर्ण जानकारी भर सकते हैं, जिससे डेटा संग्रह में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बढ़ती है।
इस डिजिटल कदम से जनगणना प्रक्रिया पारंपरिक तरीके से अधिक तीव्र और कुशल होगी। गृह मंत्रालय ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे निर्धारित समय के भीतर इस पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कराएं ताकि राष्ट्रीय स्तर पर योजनाओं के निर्माण में सही आंकड़ों का प्रयोग हो सके।
देश में जनगणना प्रत्येक निर्णय प्रक्रिया के लिए अहम आधार है, इसलिए इसकी गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना आवश्यक माना जाता है। सरकार के इस प्रयास से किसानों, मजदूरों और अन्य वर्गों तक योजनाओं की बेहतर पहुंच संभव होगी।
यह पहल डिजिटल इंडिया के लक्ष्यों के अनुरूप है, जो प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी सुधार लाने पर केंद्रित है। गृह मंत्रालय ने कहा कि आगे के चरणों में भी इस पोर्टल के माध्यम से जानकारी संग्रह करते रहने की योजना है, जिससे देशव्यापी आंकड़ों का विश्लेषण सुगम होगा।
